बड़बड़ाने की आदत है न ....इसलिए

गुरुवार, 28 जुलाई 2016

अइसन हँसी हँसs तू बाबू
झर के जवन ग़ज़ल बन जाय |

अइसन गीत कढ़ावs जवन
सारंगी के स्वर बन जाय |

अइसन बात कहs तू लय से
जइसन कोइलर गीत सुनाय |

अइसन चुप्पी साधs जे
बहत बेयार थथमिए जाय |

जबले जियs, जियs तू अइसन
ढेला-माटी धड़कन बन जाय |

जदि मरs , मरs तू अइसन
जइसन दरिया लहर समाय |

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