बड़बड़ाने की आदत है न ....इसलिए

मंगलवार, 29 जुलाई 2014

"काकू है ....हो….ओ..मत छुओ .....काटेगा"
कोई बाप अपनी बेटी को इसी तरह से डाँटेगा !
बेटी भी डरने वरने का थोड़ा फ़र्ज़  निभा देगी  !
जब अकेले में होगी;   उसको छुएगी जांचेगी !
पूरी तसल्ली हो जाने पर उसको हाथ में ले करके
बापू को ही डराएगी कूका….. कूका  कह  करके!
उस डरने वाली चीज से अब हमको डरना पड़ता है!

शायद बच्चो के संग सबको बच्चा होना पड़ता है!

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