आज फिर बरसात आई |
छनन-छन-छनन-छन
बूँदों ने पायल बजायी |
आज फिर बरसात आई |
छनन-छन-छनन-छन
बूँदों ने पायल बजायी |
आज फिर बरसात आई |
सर -सर -सरसर भागता जल
उर्मियों की धर कलाई |
आज फिर बरसात आई |
मात्र सर ही धो रहे तरु,
तृणों ने डुबकी लगायी |
आज फिर बरसात आई |
लाज के परदे हटाकर
हवा अल्हड़ दौड़ी आई |
आज फिर बरसात आई |
चल रही पानी - हवा में ,
शर्त की भागम-भगाई |
आज फिर बरसात आई |
थिर गया मन ;थमा जीवन
फिर किसी की याद आई |
आज फिर बरसात आई |
उर्मियों की धर कलाई |
आज फिर बरसात आई |
मात्र सर ही धो रहे तरु,
तृणों ने डुबकी लगायी |
आज फिर बरसात आई |
लाज के परदे हटाकर
हवा अल्हड़ दौड़ी आई |
आज फिर बरसात आई |
चल रही पानी - हवा में ,
शर्त की भागम-भगाई |
आज फिर बरसात आई |
थिर गया मन ;थमा जीवन
फिर किसी की याद आई |
आज फिर बरसात आई |
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