भूत के डर
माने के त हम अपना के बड़का हिम्मती मानीला , बाकिर लरिकाईं में हमारा भूत से बहुते डर लागे |भूत के आतंक हमारा मन में एतना रहे जे, हम अन्हारा में गईला से डेरायीं |भूत के डर से हम बिछावना पर पेशाब करि देत रहलीं |भूत के हम देखले त ना रहनीं बाकिर कहाँ दूनी से हमारा मन में आ गईल रहे जे बड़का-बड़का मुंह--हाथ-गोड वाला आदमीं भूत होला | भूत कछुवो करी सकत बा | अन्हारा में पायी त लईकन के धs के ले जाई ,आ हाथ गोड काट दिही |एही से रात में सुतला के बेर हम कवनो न कवनो लाईट जरवाईए के सूती |
माने के त हम अपना के बड़का हिम्मती मानीला , बाकिर लरिकाईं में हमारा भूत से बहुते डर लागे |भूत के आतंक हमारा मन में एतना रहे जे, हम अन्हारा में गईला से डेरायीं |भूत के डर से हम बिछावना पर पेशाब करि देत रहलीं |भूत के हम देखले त ना रहनीं बाकिर कहाँ दूनी से हमारा मन में आ गईल रहे जे बड़का-बड़का मुंह--हाथ-गोड वाला आदमीं भूत होला | भूत कछुवो करी सकत बा | अन्हारा में पायी त लईकन के धs के ले जाई ,आ हाथ गोड काट दिही |एही से रात में सुतला के बेर हम कवनो न कवनो लाईट जरवाईए के सूती |
बाकिर एक बेरी भूत दिन के अंजोरा में आ गयिल | हम इस्कूल से घरे पैदल आवत
रहनीं त कुछु लोग इकठा होके घूरा पर कुछु जरावत रहेलोग |पुछला पर पता लागल
जे फलनवाँ मर गईल बाड़े , उनका के फूँकल जाता |मरल, फूँकल हमरा खातिर नया
बात रहे | ढेर पुछला पर पता चलल जे ,लोग मर के भूत बन जाला | अब मोटा-मोटी
आईडिया हो गईल ,जे भूत भूत काs होला | हम बुझानी जे, आदमी जेतना बलवान बा
,ओतने नु बलवान भूत होई | बाकिर जवाब मिलल जे ना भूत हवा-बेयार लेखन होला,
एहिसे हर जगहे मिल जाला |आ चोरी छुपे काम करेला एहिसे ढेर बलवान होला | मान
ल जे , तहरा के केहु पीछे से धकिया देहल ,आ उ लउकत नईखे |त केतनो बचबs
बाबू बाकिर ढिमला जईबा |तब हमर समझ में आ गईल जे जेतना चोरी छुपे काम होता उ
भूत करत बा | कुछु दिन पहिले जवन सुदामा के पुआरा चोरा ले गईल , उ भूते
रहे |नेताजी के जे गोली मरले रहे आ लउकल ना , उ भूते रहे | अब भूत से अधिका
डर लगे लागल | अब त उ दिन के अंजोरा में आ सकत बा ,एही से हम हमेशा साथी
संघतिया लोग के साथे इस्कूल से आईं-जाईं |हम बूझत रहनी जे भूत कबो संघतिया
लोग के सामने हमारा के ना उठा पायी | कबो उठाईयो ली त लोग हाला कs दी, आ हम
बाँचि जाएम |
फेन एक दिन हमारा एकजना संघतिया के भूत धs लेहलस |कवन दूनी फेड पर उल्टा लटके वाला भूत रहे | ढेर कुल्हि ओझा गुनी से झरवावल गईल ,एगो खस्सी कटाईल तब जाके भूत भागल |अब त हमारा भरी शंका धs लेहलस | अब त साथी संघतिया के बीचो बीच रहला से भी भूत से नईखीं बांच सकत |अब भूत अन्हार में, अंजोर में ,आदमी में ,जंतु में कहीं हो सकेला |हमार डर बढ़त गईल | कबो हमारा बुझाऊ जे एगो भूत हमारा पीछे पीछे चलत बा | ओकरा मौका नईखे मिलत ना त उ अबले हमर हाथ गोड काट देहले रहित |कबो हमारा बुझाऊ जे हमारा कनवा के जरी आ के भूतवा ठठा के हँसत बा | जे भागs ना , तू केतना भगबाs ? बुझाता जे हम भागत जात बानी , आ उ पिठियावले जाता | जेहि तारे मुसवा के मुवावे से पहिले बिलरिया ओहनी से खेलेलीसन; ओहि तरे भूतवा हमारा से खेलत बा |पिछला साल हमर जवन रूपया भुला गईल रहे , उ भुतवे चोरवले बा | हमारा पट्टिदारन से मिल के उहे हमारा के केस मुकदमा में फसवले बा |बुझाता जे भूतवा हमर खेत चौपट करि दी | परसों यूरिया छिंटाले रहनी , कुल्हि गेंहू जरी गईल बा |भूतवा बेयार बहा के बरखा होखे से रोक देहले बा |काल्हि रात खान हमर भौजाई से खुसुर-पुसुर बतियावत रहुवे , एही से बिहाने बेमतलब के उ हमारा से झगड़ा क लेहलीहा |आ देखाs, ई करिका साँढ़ हमरा के मारे आवत बा , बुझाता जे भुतवे एकर मति घुमवले होइ |रेs ई भूतवा त हमरा के घेर-घार के मुवा दी |देख होsss , हमार ब्लड प्रेशर बढ़ गईल बा | आरेssss, बुझाता जे ई हमार नट्टी दबावत बा |आरेs दौड़ा लोगिन होssssss | आकि तहरो लोगिन पर भूत चढ़ गईल बा ?......? आकि तहरो लोगिन भूत से डेरात बाड़ा लोगिन ?
फेन एक दिन हमारा एकजना संघतिया के भूत धs लेहलस |कवन दूनी फेड पर उल्टा लटके वाला भूत रहे | ढेर कुल्हि ओझा गुनी से झरवावल गईल ,एगो खस्सी कटाईल तब जाके भूत भागल |अब त हमारा भरी शंका धs लेहलस | अब त साथी संघतिया के बीचो बीच रहला से भी भूत से नईखीं बांच सकत |अब भूत अन्हार में, अंजोर में ,आदमी में ,जंतु में कहीं हो सकेला |हमार डर बढ़त गईल | कबो हमारा बुझाऊ जे एगो भूत हमारा पीछे पीछे चलत बा | ओकरा मौका नईखे मिलत ना त उ अबले हमर हाथ गोड काट देहले रहित |कबो हमारा बुझाऊ जे हमारा कनवा के जरी आ के भूतवा ठठा के हँसत बा | जे भागs ना , तू केतना भगबाs ? बुझाता जे हम भागत जात बानी , आ उ पिठियावले जाता | जेहि तारे मुसवा के मुवावे से पहिले बिलरिया ओहनी से खेलेलीसन; ओहि तरे भूतवा हमारा से खेलत बा |पिछला साल हमर जवन रूपया भुला गईल रहे , उ भुतवे चोरवले बा | हमारा पट्टिदारन से मिल के उहे हमारा के केस मुकदमा में फसवले बा |बुझाता जे भूतवा हमर खेत चौपट करि दी | परसों यूरिया छिंटाले रहनी , कुल्हि गेंहू जरी गईल बा |भूतवा बेयार बहा के बरखा होखे से रोक देहले बा |काल्हि रात खान हमर भौजाई से खुसुर-पुसुर बतियावत रहुवे , एही से बिहाने बेमतलब के उ हमारा से झगड़ा क लेहलीहा |आ देखाs, ई करिका साँढ़ हमरा के मारे आवत बा , बुझाता जे भुतवे एकर मति घुमवले होइ |रेs ई भूतवा त हमरा के घेर-घार के मुवा दी |देख होsss , हमार ब्लड प्रेशर बढ़ गईल बा | आरेssss, बुझाता जे ई हमार नट्टी दबावत बा |आरेs दौड़ा लोगिन होssssss | आकि तहरो लोगिन पर भूत चढ़ गईल बा ?......? आकि तहरो लोगिन भूत से डेरात बाड़ा लोगिन ?
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