बाड़ी कली कचनार ,भँवरवा ! रस जनि चूसs हो
बाड़ी बहुत सुकुवार, पंखुरी धीरे से छुवs हो
टटका टटका निकसल बाड़ी
अटपट आँचर ओढ़ले बाड़ी
रंग चटख ललछाँह ...................
रंग चटख ललछाँह ,आपन नोह् जनि खोभs हो
बाड़ी बहुत सुकुवार, पंखुरी धीरे से छुवs हो
बाड़ी कली कचनार ,भँवरवा ! रस जनि चूसs हो
बाड़ी बहुत सुकुवार, पंखुरी धीरे से छुवs हो
टटका टटका निकसल बाड़ी
अटपट आँचर ओढ़ले बाड़ी
रंग चटख ललछाँह ...................
रंग चटख ललछाँह ,आपन नोह् जनि खोभs हो
बाड़ी बहुत सुकुवार, पंखुरी धीरे से छुवs हो
बाड़ी कली कचनार ,भँवरवा ! रस जनि चूसs हो
अनचिन्हार से बहत लजाली
अँगुरी देखला से डर जाली
तू मत जा उनका पास .......
तू मत जा उनका पास अउर ना पंजरा घूमs हो
बाड़ी बहुत सुकुवार, पंखुरी धीरे से छुवs हो
बाड़ी कली कचनार ,भँवरवा ! रस जनि चूसs हो
कुछु दिन आउरी समय लगइहें
अपनहिं विकसित हो जइहें
गंध रूप उजास ...............
गंध- रूप -उजास बदे तनी कुछु दिन रुकs हो
बाड़ी बहुत सुकुवार, पंखुरी धीरे से छुवs हो
बाड़ी कली कचनार ,भँवरवा ! रस जनि चूसs हो
अँगुरी देखला से डर जाली
तू मत जा उनका पास .......
तू मत जा उनका पास अउर ना पंजरा घूमs हो
बाड़ी बहुत सुकुवार, पंखुरी धीरे से छुवs हो
बाड़ी कली कचनार ,भँवरवा ! रस जनि चूसs हो
कुछु दिन आउरी समय लगइहें
अपनहिं विकसित हो जइहें
गंध रूप उजास ...............
गंध- रूप -उजास बदे तनी कुछु दिन रुकs हो
बाड़ी बहुत सुकुवार, पंखुरी धीरे से छुवs हो
बाड़ी कली कचनार ,भँवरवा ! रस जनि चूसs हो
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