बात के कुछ एह तरे कहल गईल बा |
बात खलिहा बात भर के रह गईल बा |
एगो मुँह के बात कई गो मुँह से सुननी
एके बतिया , कई गो माने हो गईल बा |
बात खलिहा बात भर के रह गईल बा |
एगो मुँह के बात कई गो मुँह से सुननी
एके बतिया , कई गो माने हो गईल बा |
साँच बोलनी ; अपजसी में नाम भईल
चुप रहलको बुरबकाही हो गईल बा |
एगो बुरबक हम अकेले बाँचि गईनीँ
गांव सगरो आज ज्ञानी हो गईल बा |
चलs ए मन , छोड़ द साँचका कहलका
लोग अब झूठका के साथी हो गईल बा |
चुप रहलको बुरबकाही हो गईल बा |
एगो बुरबक हम अकेले बाँचि गईनीँ
गांव सगरो आज ज्ञानी हो गईल बा |
चलs ए मन , छोड़ द साँचका कहलका
लोग अब झूठका के साथी हो गईल बा |
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