कबो एकहुँ ना हाथ में आवे
मन चाहो कि सभ मिल जावे
रंग रंग के तितली जइसन लरिकाई के ख्वाब |
जेतना लागत ; ओतने लाभ
ना तनी अधिक ना तनिको घाट
पंसारी के गल्ला जइसन तरुनाई के ख्वाब |
कुछु टूट गईल कुछु चनक गईल
कुछु बेमन से जतन धईल
शीशा जइसन हो जाला बुढ भईला पर ख्वाब |
जवन ख़्वाब शेष रहि जाला
संतति के मन में घुस जाला
देहि भले मर जाओ बाकिर न मुएला ख्वाब |
रंग बिरंगा बाकिर महंगा शीशा जइसन ख्वाब |
जीवन के सुघर फेड़ के बीया जइसन ख़्वाब |
मन चाहो कि सभ मिल जावे
रंग रंग के तितली जइसन लरिकाई के ख्वाब |
जेतना लागत ; ओतने लाभ
ना तनी अधिक ना तनिको घाट
पंसारी के गल्ला जइसन तरुनाई के ख्वाब |
कुछु टूट गईल कुछु चनक गईल
कुछु बेमन से जतन धईल
शीशा जइसन हो जाला बुढ भईला पर ख्वाब |
जवन ख़्वाब शेष रहि जाला
संतति के मन में घुस जाला
देहि भले मर जाओ बाकिर न मुएला ख्वाब |
रंग बिरंगा बाकिर महंगा शीशा जइसन ख्वाब |
जीवन के सुघर फेड़ के बीया जइसन ख़्वाब |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें