बड़बड़ाने की आदत है न ....इसलिए

बुधवार, 3 सितंबर 2014

युग बीते करते प्रयास
पुरे न हुए मन के आश
जीवन पथ का पिछला वर्ष
थोड़े गम तो थोड़े हर्ष
कुछ मस्त फूल कुछ त्रस्त शूल
कुछ नए सबक कुछ नयी भूल
हे, जीवन पथके गत साल
लू विदा मै तुमसे अब सोल्लास
पुनः कुछ करने है प्रयास
पूरे करने है कुछ आश

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