रेS , मुए वाला बिया उ बुढ़िया माई !
मोर माई ,तोर माई , जवार के माई !
ढेर दिन से रहली हा बेमार I
केहु लउकत ना रहल हा तीमारदार I
जबसे बुढ़िया के बक्सा खोलाईल हा I
नगदे लोग बिटोराईल हा I
अब तहनि के छोड़ाS सन सेवा पानी कइल I
बुढ़िया के आपन कहाये वाला लोग आ गईल I
बढ़नी मारो कु-रहनी के !
भाग सन तहनि के !
अशुद्ध ;नीच ----
तहनि के नाश करि देहला सन I
बाहर जा के चुपचाप बइठा सन I
अब बुढ़िया के घीव मलल जाइ I
रेशम के कफ़न में लपेटल जाइ I
चारि आदमी कान्हा पर उठाई I
ले जा के दफ़न करि आई ; शमशान में I
थोरे दिन खूब हो-हाला रही ; श्राद्ध के I
सब लोगन के राय होइ
त तहनियो के बोलावल जाइ I
आके खूब रोइहां सन, माई ! माई !
फेनु साल साल भर पर बरखी मेटावल जाइ I
बस ओहि दिने बुढ़िया के करनी के गावल जाइ I
तब तहनि के ना बोलावल जाइ I
अशुद्ध ! नीच !
मोर माई ,तोर माई , जवार के माई !
ढेर दिन से रहली हा बेमार I
केहु लउकत ना रहल हा तीमारदार I
जबसे बुढ़िया के बक्सा खोलाईल हा I
नगदे लोग बिटोराईल हा I
अब तहनि के छोड़ाS सन सेवा पानी कइल I
बुढ़िया के आपन कहाये वाला लोग आ गईल I
बढ़नी मारो कु-रहनी के !
भाग सन तहनि के !
अशुद्ध ;नीच ----
तहनि के नाश करि देहला सन I
बाहर जा के चुपचाप बइठा सन I
अब बुढ़िया के घीव मलल जाइ I
रेशम के कफ़न में लपेटल जाइ I
चारि आदमी कान्हा पर उठाई I
ले जा के दफ़न करि आई ; शमशान में I
थोरे दिन खूब हो-हाला रही ; श्राद्ध के I
सब लोगन के राय होइ
त तहनियो के बोलावल जाइ I
आके खूब रोइहां सन, माई ! माई !
फेनु साल साल भर पर बरखी मेटावल जाइ I
बस ओहि दिने बुढ़िया के करनी के गावल जाइ I
तब तहनि के ना बोलावल जाइ I
अशुद्ध ! नीच !
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