बड़बड़ाने की आदत है न ....इसलिए

बुधवार, 3 सितंबर 2014

दरवाजा खुलेगा एक - ब - एक ,तुम भीतर खींचे जाओगे !
उस लड़की के घर पर तुम पुरकस पीटे जाओगे !
जिन हांथों को गए मांगने अब्बा की जागीर समझ
उन हाथों की नेमत होंगी जूते चप्पल खाओगे !
अकड़ू बन कर घूम रहे हो जिस सरकारी नौकरी पर
बेवजह मुकदमा ले करके नौकरी अपनी छुड़वाओगे !
साथ जिएंगे साथ मरेंगे ये सब फिल्मी बातें है
लड़की ही ना कह देगी तुम चु ..(उल्लू )बन जाओगे !
चलो मिया अब जिद छोडो ये नौटंकी बहुत हो गयी
रिश्तेदार जान गए तो शादी भी न कर पाओगे !

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