बड़बड़ाने की आदत है न ....इसलिए

बुधवार, 3 सितंबर 2014

जो बीत गये कुछ साल बिना कुछ किये हुये ही......
जो रीते-से कुछ पल गुजरे है,बिना ह्रुदय छुये ही....
जो स्व्प्न अधूरे छूट गये क्या उनसे मिलने जाऊ मै
य़ा नये सपनो की दुनिया की ओर घूमने जाऊ मै
यह जन्मदिवस का द्व्न्द्व हमेशा आ जा ता है
कुछ खुशियो का उपहार भी लिये आता है

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