बड़बड़ाने की आदत है न ....इसलिए

बुधवार, 3 सितंबर 2014

रउआ देखनी ह ;मुँहवा- साँच के ?
पुरनका ना ; टटका ,आज के ?
करिया बा ?
आ कइसन ओकर बाबडिया बा ?
लोग कहत रहल हा गोर बा
झुलुफियो मुड़िया पर थोर बा !
रउआ देखनी हा कपडा लत्ता ?
आ लोगवा देखल हा लंगटा !
लोग लाबजा बा की रउआ जी ?
रउआ साँच बोलतानी की बनौआ जी ?
अब एकर कवन परमान हा :कवन जाँच हा ?
जाये दी ! सभकर आपन आपन साँच हा !

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