बड़बड़ाने की आदत है न ....इसलिए

बुधवार, 3 सितंबर 2014

बहुत अच्छा है अगर किसी की लाज बचा ली जाये !
पर इसके लिए क्यों किसी की पगड़ी उछाली जाये !
मनहूस शहर में एक तू ही बचा था दोस्त मेरा
चल , अब तुझसे भी अदावत पाली जाये !

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